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मध्य प्रदेश में इन दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों पर सियासी उबाल देखा जा रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने शिवराज सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर भाजपा नेताओं ने सूबे के विभिन्न जिलों में शिकायतें दर्ज कराई हैं। मामले की छानबीन अब पुलिस के हवाले है। इस बीच सूबे के सीएम शिवराज सिंह चौहान (Madhya Pradesh CM Shivraj Singh Chouhan) ने कमलनाथ पर जोरदार हमला बोला है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा- खुद कमलनाथ जी ‘करप्शन नाथ’ हैं। पूरी दुनिया यह बात कहती है। मैं क्या कहूं। जब छापे मारे गए तो 280 करोड़ रुपए कहां से निकले? जो लोग गले तक भ्रष्टाचार में डूबे हैं उन पर कौन भरोसा करेगा? शिवराज ने कहा कि पिछले चुनाव में कांग्रेस ने नौ सौ घोषणाएं की थी। कांग्रेस ने इनमें से कोई वादा पूरा नहीं किया था। कांग्रेस ने झूठे वादों के दम पर सत्ता हासिल की थी। कमलनाथ के राज में हाहाकार मच गया। वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया।
शिवराज ने कहा कि कमलनाथ के शासन में चारो तरफ लूट का आलम था। उस समय छापों में कमलनाथ के अगल बगल के लोगों के पास से ही 280 करोड़ रुपए निकले। हालत यह हो गई थी कि बिना लिए दिए सरकार में कुछ होता ही नहीं था। कमलनाथ ने हमारी सारी योजनाएं बंद कर दी थी। बेटियों बहनों को आर्थिक मदद दी जानी बंद कर दी थी। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना के मकान भेजे। कमलनाथ ने उसे वापस कर दिया। किसान सम्मान निधि की सूची भी नहीं भेजी।
शिवराज ने कहा कि जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ के नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू किए तो इन्होंने कहा कि सड़क पर उतरो हम देख लेंगे। जब सिंधिया जी ने कहा कि वचन निभाओ वादे पूरे करो तो कमलनाथ ने उन्हें आंखें दिखा दी। नतीजा यह निकला कि कांग्रेस पार्टी ही टूट गई। खुद सिंधिया जी के गुट ने फैसला किया कि हमें कमलनाथ सरकार में नहीं रहना है। फिर हमने प्रदेश के हित में हमने सरकार बनाई। सिंधिया के आने से पार्टी को फायदा हुआ है। अब हम मिलकर एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं।
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