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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की चंद्रा कालोनी का 14 साल का एक बच्चा घर से शुक्रवार की शाम को ट्यूशन पढ़ने निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस बच्चे की तलाश में जुटी है। 7वीं का यह बच्चा अपने घर एक पत्र छोड़कर गया है। इसमें उसने अपने घर छोड़कर जाने का कारण लिखा है। बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बेटे की तस्वीर जारी कर उसको ढूंढ़ने में मदद करने की गुहार लगाई है। बच्चे ने पत्र में जो बातें लिखी हैं, वे व्यथित करने वाली हैं।
बच्चे ने पत्र में लिखा है कि सर ने मुझे मारा इसलिए अपना घर छोड़कर जा रहा हूं। पापा मैं आपको बहुत चाहता हूं लेकिन मैं क्या करूं… मैं जा रहा हूं इस दुनिया को छोड़कर… Sir is beat me so I left my home. I mish my father. मैं जा रहा हूं इस दुनिया को छोड़कर… I mish you mom/dad, गणेश जी की पूजा करते रहना, मुझे 20/09/23 को मारा था। मां डिब्बे में पैसे रखे थे वो भी ले जा रहा हूं। बच्चे ने उक्त बातें अपनी नोटबुक के एक पेज पर लिख छोड़ी हैं। छात्र को लापता हुए 24 घंटे गुजर चुके हैं लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।
चंद्रा कालोनी के रहने वाले दुर्ग सिंह धाकड़ ने बताया कि शाम 5 बजे मेरा बेटा अरुण धाकड़ नबाब साहब रोड स्थित ट्यूशन पढ़ने गया था लेकिन वह ट्यूशन पढ़ने नहीं पहुंचा। दुर्ग सिंह धाकड़ ने बताया कि बेटे अरुण के साथ उसकी छोटी बहन सत्या भी कक्षा 5 की ट्यूशन पढ़ने जाती थी लेकिन कल अरुण ने बेटी को कपडे़ बदलने की कहकर बेटी को पहले ट्यूशन भेज दिया। फिर कुछ देर बाद अरुण भी ट्यूशन की बात कहकर घर ने निकल गया। शाम के वक्त ट्यूशन से फोन पर अरुण के ट्यूशन नहीं पहुंचने की सूचना दी गई।
घर के पास एक मकान में लगे सीसीटीवी में आखरी बार उसे 4:54 पर देखा गया था। लापता अरुण की चोरी बहन सत्या धाकड़ ने बताया कि मेरे भाई का 20 सितंबर को ट्यूशन में टेस्ट हुआ था। उस टेस्ट में उसने एक सवाल का सही उत्तर नहीं दिया था। इसी के चलते पहले दीपक सर और फिर अविनाश सर से भाई की पिटाई लगा दी थी। इसके चलते मेरा भाई दूसरे दिन मुझे ट्यूशन के लिए भेज खुद ट्यूशन नहीं आया। लापता हुए अरुण के पिता ने बताया कि में पोहरी तहसील क्षेत्र के नारौरा गांव का रहने वाला हूं। अरुण मेरा इकलौता बेटा है। मेरी एक बेटी भी है।
अरुण के पिता ने बताया कि हम तीन भाई है। गांव में इतनी खेतीबाड़ी है कि गुजारा हो जाता था। बेटे अरुण के पैदा होने के बाद उसकी पढ़ाई के लिए मैंने अपना गांव छोड़ दिया था। मैं शहर में किराए का कमरा लेकर रहने लगा था। परिवार को पालने और बच्चों की पढ़ाई के लिए मैने एमएम तिराहे पर फल का ठेला लगाना शुरू कर दिया था। इस बीच में एक बेटी का पिता भी बना, बेटी आज 5 वीं कक्षा में पढ़ती है। में अपने बेटे को अफसर बनता देखना चाहता था। इस वजह से मैंने अपने दोनों बच्चों का दाखिला वेहतर शिक्षा के लिए प्राइवेट स्कूल में कराया था।
दुर्ग सिंह ने बताया कि बेटे के कक्षा 6 वीं में भी कम नंबर आये थे। उसकी महज 48 परसेंट ही आई थी जिससे में बहुत चिंचित था इसी के चलते मैंने अपने परिचित और भरोसेमंद टीचर दीपक सर के यहां ट्यूशन पढ़ने भेजने लगा था। मैंने अरुण सर से विशेष ध्यान देने की बात कही थी। अरुण को ट्यूशन पढ़ाने बाले दीपक सेन ने बताया कि अरुण के पिता ने मुझे अरुण पर अच्छे से ध्यान देने की बात कही थी। इसी के चलते मैं उसकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देता था। 20 सितंबर को अरुण का एक टेस्ट लिया था।
मैंने अरुण को चेप्टर अच्छे से पढ़कर आने को कहा था लेकिन टेस्ट में अरुण की काफी गलती निकली। इसके चलते मैने उसे डांट दिया था। 21 सितंबर को जब अरुण ट्यूशन पढ़ने नहीं आया तो मैंने फोन कर उसके पिता को जानकारी दी थी लेकिन वह घर पर भी नहीं था। सभी उसकी तलाश में जुटे हैं। अरुण को लापता हुए 24 घंटे से ज्यादा गुजर चुके हैं लेकिन अब तक अरुण का कोई सुराग नहीं लग सका है।
सीसीटीवी में अरुण डर डर आगे बढ़ता और बार बार पीछे मुड़कर देखते हुए दिखाई दे रहा है। इसके बाद अरुण किसी भी कैमरे में न ही कैद हुआ और न ही किसी ने अरुण को देखा। बताया गया है कि अरुण जैसे बच्चे को नबाब साहब और बाईपास लिंक रोड पर बस को हाथ देते हुए भी देखा गया था। कोतवाली प्रभारी विनय यादव का कहना है कि बच्चे की गुमसुदगी दर्ज कर ली गई है। एक टीम बच्चे की तलाश में लगी है। जो बच्चे की तलाश में जुटी हुई है।
(इनपुट- अमित गौर)
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