बलूचों के आंदोलन से पाकिस्तान को बांग्लादेश जैसा डर, खौफ में PM काकर बोले- भारत का हाथ

बलूचों के आंदोलन से पाकिस्तान को बांग्लादेश जैसा डर, खौफ में PM काकर बोले- भारत का हाथ

[ad_1]

ऐप पर पढ़ें

पाकिस्तान में बलूचों का आंदोलन जोर पकड़ रहा है। बलूच युवकों पर आतंकवाद का आरोप लगाकर हत्या करने के मामलों से भड़के लोग बीते करीब दो सप्ताह से राजधानी इस्लामाबाद को घेरे हुए हैं। करीब 1600 किलोमीटर लंबा मार्च करके राजधानी पहुंचे बलूच अब कार्यवाहक पीएम अनावरुल हक काकर के बयान पर और भड़क गए हैं। काकर ने मंगलवार को बलूच आंदोलनकारियों को आतंकियों का समर्थक बता दिया था और आरोप लगाया था कि ये लोग भारत की शह पर यहां जुटे हैं। उन्होंने इस आंदोलन के पीछे RAW का हाथ बताया था, जिससे बलूच भड़क गए हैं और आज इस्लामाबाद बंद का ही ऐलान कर दिया है। 

बलूच आंदोलनकारियों का कहना है कि पीएम अनवारुल हक काकर का बयान उनका डर जाहिर कर रहा है। दरअसल हजारों बलूचों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जो इस्लामाबाद में डेरा डाले बैठे हैं। सुरक्षा बलों की ओर से तमाम सख्तियों के बाद भी इन लोगों ने वापसी से इनकार कर दिया है। इन लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल बेगुनाह बलोचों को निशाना बना रहे हैं। बड़ी संख्या में बलूच युवा गायब हुए हैं या फिर उनकी हत्या कर दी गई। वहीं अब पीएम अनवारुल हक काकर के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। काकर के बयान से यह भी जाहिर हुआ कि उन्हें बलूच आंदोलन से बांग्लादेश जैसा डर सता रहा है। 

अगर जीती तो भारत…पाकिस्तान की हिंदू उम्मीदवार ने कह दी बड़ी बात

मंगलवार को उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि बलूच आंदोलनकारी भूल रहे हैं कि यह न तो 1971 है और न ही वह पाकिस्तान है। इन लोगों को याद रखना चाहिए कि बांग्लादेश नहीं बनने जा रहा। अनवारुल हक काकर ने तो इन आंदोलनकारियों की तुलना आतंकियों से कर दी। काकर ने कहा, ‘हम अब भी उनके आंदोलन करने के अधिकार का सम्मान करते हैं क्योंकि उनके अपने लोग गायब हुए हैं। लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि वे देश के खिलाफ खड़े हैं और रॉ का सहारा ले रहे हैं। इस आंदोलन को भारत ने फंडिंग की है। यह विदेशी मदद से चलने वाला सशस्त्र विद्रोह है।’

उनकी इस बात ने भी जाहिर कर दिया कि पाक पीएम को बलूच आंदोलन से बांग्लादेश वाला डर सता रहा है। बांग्लादेश की मुक्ति के पीछे भी पाकिस्तान भारत को ही जिम्मेदार ठहराता रहा है। बता दें कि 1971 की जंग में पाकिस्तान की करारी हार हुई थी और उसके 90 हजार से ज्यादा सैनिकों ने भारत के सामने सरेंडर कर दिया था। 

कैसे भारत ने 1971 की मदद और बिखर गया पाकिस्तान

इसी जंग के नतीजे में बांग्लादेश के तौर पर अलग मुल्क का ही गठन हुआ था। जो कभी पूर्वी पाकिस्तान कहलाता था। इस तरह पाकिस्तान अपने गठन के 24 साल बाद ही बिखर गया था। गौरतलब है कि बलूच भी आजादी की मांग करते हुए लंबे समय से आंदोलन करते रहे हैं। वे अपने को अलग पहचान वाला बताते हैं और पाकिस्तान पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हैं।

[ad_2]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here