हमास को कैसे मिले ईरान और चीन में बने घातक हथियार, क्या परदे के पीछे इन देशों ने किया बड़ा खेला?

हमास को कैसे मिले ईरान और चीन में बने घातक हथियार, क्या परदे के पीछे इन देशों ने किया बड़ा खेला?

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इजरायल पर अचानक हमला बोलने वाले हमास के पास घातक हथियारों के जखीरे का पता चला है। इनमें ईरानी स्नाइपर राइफलें, चीन और रूस में बने AK-47 असॉल्ट राइफलें और उत्तर कोरियाई-बल्गेरियाई रॉकेट लैस ग्रेनेड प्रमुख हैं। इनके साथ एंटी-टैंक रॉकेट भी गाजा में गुप्त रूप से एक साथ जमा किए गए थे। हमास ने इजरायल पर पिछले साल 7 अक्टूबर को धावा बोला था। यह लड़ाई अभी तक जारी है। करीब तीन महीनों की लड़ाई में लिए गए 150 से अधिक वीडियो और तस्वीरों का विश्लेषण किया गया है। इससे पता चलता है कि आतंकवादी समूह ने दुनिया भर से हथियारों का जखीरा इकट्ठा किया। माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर पिछले कुछ वर्षों में तस्करी करके लाए गए।

ये हथियार गाजा में हफ्तों चले भीषण युद्ध के दौरान घातक साबित हुए। जहां हमास के लड़ाके आम तौर पर केवल उन्हीं चीजों से लैस होते हैं जो वे ले जा सकते हैं। हथियारों और टेक्नोलॉजी में आगे इजरायली सैनिक के खिलाफ वे हिट-एंड-रन रणनीति अपनाते रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हमास की ओर से कुछ वीडियो पोस्ट किए गए हैं। इनमें स्नाइपर राइफलों के जरिए रिकॉर्ड किए गए दृश्य नजर आ रहे हैं, जहां इजरायली सैनिकों की गोलीबारी दिखाई देती है। हमास के प्रवक्ता गाजी हमद ने हाल ही कहा था कि हम हर जगह से हथियारों की ताक में हैं। उन्होंने कहा, ‘हम राजनीतिक समर्थन की तलाश कर रहे हैं और पैसे की भी जरूरत है।’ हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि उन्हें हथियार कौन मुहैया करा रहा है और उन्हें गाजा तक कैसे ले जाया गया।

नाकेबंदी के बावजूद हथियारों की तस्करी?

वीडियो और फुटेज को देखने के बाद एक्सपर्ट्स ने हथियारों की मार्किंग और उनके फीचर्स का गहराई से अध्ययन किया। इससे ये बातें साफ हो पाईं कि हमास के लड़ाकों की ओर से इस्तेमाल किए गए कई सारे हथियार कहां बनाए गए थे। हालांकि, फिलहाल इस बात का सबूत नहीं दिया जा सकता है कि क्या ये वेपन उन देशों की सरकारों ने मुहैया कराए हैं या फिर काला बाजारी के जरिए इन्हें लाया गया है। इराक, लीबिया और सीरिया जैसे युद्धग्रस्त देशों में तो सोशल मीडिया पर बिक्री के लिए इन हथियारों को लिस्टेड किया गया है। तस्वीरों में हमास आतंकवादियों के पास काफी नए हथियार दिखाई देते हैं। यह इस बात का सबूत है कि हमास ने गाजा पट्टी की हवाई और समुद्री नाकाबंदी को चकमा देने के लिए नावों या सुरंगों के जरिए हथियार तस्करी के तरीके ढूंढ लिए हैं। 

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