चीन ने 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ाया रक्षा बजट, भारत से कई गुना ज्यादा; क्या है ड्रैगन का इरादा?

चीन ने 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ाया रक्षा बजट, भारत से कई गुना ज्यादा; क्या है ड्रैगन का इरादा?

[ad_1]

ऐप पर पढ़ें

चीन का वार्षिक रक्षा बजट लगातार तीसरे वर्ष सात प्रतिशत से अधिक रखा गया है। चीन ने मंगलवार को अपने रक्षा बजट में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की है जो पहले ही दुनिया का दूसरा सबसे अधिक रक्षा बजट है। भले ही चीन की अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है लेकिन इसने रक्षा बजट को बढ़ाने का फैसला किया है। इसका राजनीतिक और सैन्य प्रभाव भारत सहित उसके प्रमुख विरोधियों पर महसूस किया जाएगा। चीनी रक्षा बजट भारत के रक्षा खर्च का तीन गुना है, हालांकि अमेरिकी सैन्य बजट से बहुत कम है। दुनिया में सबसे ज्यादा रक्षा बजट अमेरिका का है जो 842 अरब डॉलर का है। उसके बाद चीन का रक्षा बजट 230 अरब डॉलर है। वहीं साल 2023-24 में भारत का रक्षा बजट 78 अरब डॉलर (6.21 लाख करोड़ रुपये) रखा गया है।

चीन का अपने पड़ोसी देश भारत और जापान के साथ लंबे तनाव का इतिहास रहा है। इसकी अमेरिका के साथ भी तनातनी चल रही है। इसके अलावा, ताइवान और दक्षिण चीन सागर पर भी ड्रैगन अपना दावा जता रहा है। अब चीन के बढ़ते रक्षा बजट को पड़ोसी देशों के साथ तनाव और ‘हाई-टेक’ सैन्य टेक्नोलॉजी में वृद्धि की वजह माना जा रहा है जिसमें स्टील्थ लड़ाकू विमान से लेकर विमानवाहक पोत और परमाणु हथियारों के शस्त्रागार में वृद्धि शामिल है।

जिनपिंग ने चीनी सेना को अमेरिका की तर्ज पर मॉडर्न बनाने की कसम खाई है। 2027 में चीनी पीएलए अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लेगी। ऐसा माना जा रहा है कि चीन उसी साल तक ताइवान पर कब्जा करने की भी कोशिश करेगा। इसके अलावा, यह इंडो पैसिफिक पर भी अपना पूरा प्रभुत्व जमाने की कोशिश करेगा। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, हिंद महासागर (Indian Ocean) और प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के कुछ भागों को मिलाकर बना महासागरीय क्षेत्र है, जिसमें पूर्वी अफ्रीका तट, हिंद महासागर, पश्चिमी एवं मध्य प्रशांत महासागर शामिल हैं।

चीन की विधायिका की वार्षिक बैठक के उद्घाटन सत्र में मंगलवार को घोषित किए बजट के आधिकारिक आंकड़ों को कई विदेशी विशेषज्ञ सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की सैन्य इकाई पीपुल्स लिबरनेशन आर्मी द्वारा किए खर्च का केवल एक अंश मानते हैं। प्रधानमंत्री ली क्विंग ने मंगलवार को सुरक्षा तथा अर्थव्यवस्था के संबंध में सरकार की योजनाओं और प्रदर्शन पर एक वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि इस साल के लिए चीन का आर्थिक वृद्धि लक्ष्य करीब पांच प्रतिशत है।

सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए उपभोक्ता खर्च बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दे रही है। आवासीय दरों में गिरावट और नौकरियों को लेकर चिंता के कारण कई परिवार अधिक खर्च करने से बच रहे हैं या खर्च करने में सक्षम नहीं हैं। पिछले साल अर्थव्यवस्था में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी लेकिन यह 2022 में तीन प्रतिशत की बहुत कम दर की वार्षिक वृद्धि के बाद हुई थी जब देश में कोविड-19 महामारी के कारण कई बाधाएं आयी थीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेतृत्व नीतियों के प्रबंधन में सुधार लाने का प्रयास करेगा। ली बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल’ में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के करीब 3,000 प्रतिनिधियों और एक समानांतर सलाहकार निकाय के करीब 2,000 सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।

(इनपुट एजेंसी)

[ad_2]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here