इजरायल से बढ़ रही टेंशन के बीच ईरानी राष्ट्रपति को आया पुतिन का फोन, क्यों कहा- अभी सब्र रखो

इजरायल से बढ़ रही टेंशन के बीच ईरानी राष्ट्रपति को आया पुतिन का फोन, क्यों कहा- अभी सब्र रखो

[ad_1]

ऐप पर पढ़ें

Vladimir Putin and Ebrahim Raisi: इजरायल और ईरान लगातार युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से युद्ध टालने की अपील की है। नेतन्याहू हालांकि दोस्तों की बात सुन तो रहे हैं लेकिन, दो टूक शब्दो में बात मानने को इनकार कर रहे हैं। इजरायल के पास इस समय ईरान को सबक सिखाने का मौका है। ईरान पर हमास को हथियार सप्लाई करने के आरोप लगते रहे हैं। जो इजरायल में आतंकी हमलों का जिम्मेदार है। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी को फोन कर संयम बरतने की अपील की है। यूक्रेन युद्ध लड़ रहे रूस को ईरान ड्रोन और मिसाइलों की सप्लाई करता रहा है। पुतिन ईरान समकक्ष रायसी को अपना दोस्त बना चुके हैं।

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के साथ फोन पर लंबी बात की। दोनों नेताओं के बीच 1 अप्रैल को सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरानी दूतावास पर इजरायली हमले के बाद ईरान द्वारा उठाए गए जवाबी कदम पर चर्चा की गई।

क्रेमलिन की ओर से जानकारी दी गई कि व्लादिमीर पुतिन ने ईरान को सलाह दी कि वो अभी संयम बरते और किसी भी तरह के टकराव से बचे। पुतिन ने आशंका जताई कि ईरान और इजरायल के बीच स्थिति और बिगड़ी तो यह मध्य पूर्व के लिए विनाशकारी परिणाम लाएगा।

पुतिन ने क्यों कहा- अभी सब्र रखो

गौरतलब है कि एक अप्रैल को दमिश्क में इजरायली हमले में ईरान के टॉप कमांडर समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर 300 से अधिक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान ने इसे बदला लेने की कार्रवाई बताया था। पुतिन ने ईरान के हमले पर अपनी पहली सार्वजनिक रूप से प्रसारित टिप्पणी में कहा कि मध्य पूर्व में मौजूदा अस्थिरता का मूल कारण इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष है। इस बीच ईरान के साथ इजरायल की जंग दुनिया के लिए नया खतरा है।

क्रेमलिन के मुताबिक, “व्लादिमीर पुतिन ने उम्मीद जताई कि दोनों देश संयम दिखाएंगे और पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी परिणामों से भरे टकराव के एक नए दौर को रोकेंगे।” पुतिन से फोन पर इब्राहिम रायसी ने जवाबी हमले का बचाव करते हुए कहा कि उसका रिएक्शन जरूरी थी। साथ ही, उन्होंने तनाव को और बढ़ाने को रोकने के लिए हर संभव प्रयास का भी वादा किया। 

 

[ad_2]