भारत में ऐसा नहीं होता… अपनी सेना और पुलिस की भिड़ंत पर क्या बोला पाकिस्तान

भारत में ऐसा नहीं होता… अपनी सेना और पुलिस की भिड़ंत पर क्या बोला पाकिस्तान

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पाकिस्तान में पुलिस अधिकारियों और सेना में ठनी हुई है। रमजान के दौरान पाकिस्तानी फौज पर थाने में घुसकर पुलिस अधिकारियों को नंगा करके पीटने और जलील करने के आरोप लगे हैं। इस घटना के सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो सामने आए। घटना लाहौर से लगभग 400 किलोमीटर दूर बहावलनगर इलाके में डिविजन ए थाने की बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों में आक्रोश है कि उनके आला अफसर और गृह मंत्री इतने गंभीर मुद्दे को हल्के में ले रहे हैं। वे इस घटना को मामूली बताकर टालने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री ने तो इस मसले पर भारत को घसीट लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं तो भारत में भी होती हैं, लेकिन इस तरह के मुद्दे हमारे यहां ही ज्यादा उछलते हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस अधिकारियों को थाने में कपड़े उतारकर पीटने की घटना को सप्ताहभर हो चुका है लेकिन, पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर यह मुद्दा अभी भी सुर्खियां बटोर रहा है। मारपीट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। वीडियो में पुलिस अधिकारियों को अपनी जान बचाकर भागते हुए और पाकिस्तानी फौज को थाने में पुलिस अधिकारियों को नंगा करके पीटते हुए देखा जा सकता है।

पाकिस्तानी सरकार बोली- भारत में ऐसा नहीं होता

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मसले पर देशभर में जनता और पुलिस कर्मियों में गुस्सा इसलिए भी बढ़ा हुआ है कि सरकार इसे हल्के में ले रही है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हाल ही में एक बयान देकर भारत घसीटने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं भारत में भी होती हैं लेकिन, ऐसे मामूली मुद्दे पाकिस्तान में ही ज्यादा उछलते हैं। जब उनसे पूछा गया कि इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल गिर रहा है तो जवाब में उन्होंने कहा कि एक छोटी सी घटना से पुलिसकर्मियों को मनोबल थोड़े न कम होता है। हमारे पुलिस के जवान पूरी क्षमता और बहादुरी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं। 

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इतना ही नहीं पुलिस के आईजी लेवल के अधिकारी भी इस घटना को ज्यादा तूल देने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि यह घटना इतनी बड़ी नहीं है, जितना इसे तूल दिया जा रहा है। हालांकि पुलिस अफसर मामले में उच्च स्तरीय जांच की बात कर रहे हैं। घटना के दो दिन बाद पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग की ओर से ‘पारदर्शी और संयुक्त जांच’ की बात जरूर कही गई है। उन्होंने कहा कि जांच की जाएगी और मामले में सच्चाई का पता लगाया जाएगा। यह भी पता किया जाएगा कि कहीं फौज की आड़ में असामाजिक तत्वो ने तो यह काम नहीं किया। 

ड्यूटी करने से भी डर रहे पुलिसवाले

पाकिस्तान में फौज और पुलिस कर्मियों के बीच लड़ाई मुल्क में इतना भयंकर रूप ले चुकी है कि पुलिसवाले अभी भी फौज के आतंक से उबर नहीं पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियोज में देखा जा सकता है कि सेना के जवान ने वर्दी पहने पुलिसकर्मियों को घुटनों के बल जमीन पर बैठाकर पीट रहे हैं। उधर, खून से लथपथ पुलिसकर्मी सेना के जवानों के सामने उन्हें छोड़ देने की गुहार लगाते नजर आए। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनका मनोबल टूट रहा है। इस तरह की घटनाओं से पुलिसकर्मी ड्यूटी करने से भी कतरा रहे हैं। उन्हें लगता है कि पुलिस का डर और इज्जत जनता के बीच खत्म हो गई है। ऐसे में पुलिस पर कौन भरोसा करेगा?

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