भारत ने की हमारी जासूसी, ये देश भी शामिल थे; निज्जर कांड के बाद कनाडा ने लगाया एक और आरोप

भारत ने की हमारी जासूसी, ये देश भी शामिल थे; निज्जर कांड के बाद कनाडा ने लगाया एक और आरोप

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खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाने वाले कनाडा ने एक और आरोप मढ़ दिया है। कनाडा की जासूसी एजेंसी ने कहा कि भारत उसके देश में “जासूसी गतिविधियों” में शामिल था। इसका खुलासा कनाडाई जासूसी एजेंसी, ‘कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा’ यानी सीएसआईएस ने इस सप्ताह जारी एक सार्वजनिक रिपोर्ट में किया था।

रिपोर्ट में भारत के अलावा, चीन, रूस और ईरान पर भी बड़े आरोप लगाए गए हैं। कनाडा की एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन देशों ने कनाडा सहित अन्य पश्चिमी देशों में “हस्तक्षेप और जासूसी के प्रमुख अपराध” किए हैं। जासूसी एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में, ये देश और उनकी खुफिया एजेंसियां “अपने उद्देश्यों और हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी गतिविधियों में शामिल रहीं”। इस तरह की जासूसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए कनाडा में कानून हैं।  

कनाडाई जासूसी एजेंसी की रिपोर्ट में कनाडा-भारत संबंधों में गिरावट का जिक्र भी किया गया है। इसमें कहा गया है कि दोनों देशों के संबंध खराब होने के बाद भारत समर्थक लोगों द्वारा कनाडा के खिलाफ साइबर गतिविधियों को अंजाम दिया। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार की उनमें कोई भूमिका नहीं थी।

पिछले साल सितंबर में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता के कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” बताते हुए खारिज कर दिया। पिछले हफ्ते, कनाडा के अधिकारियों ने करण बराड़ (22), कमलप्रीत सिंह (22) और करणप्रीत सिंह (28) को गिरफ्तार किया था।

इससे पहले इसी साल अप्रैल में कनाडा ने बड़ा आरोप लगाया और कहा कि भारत और पाकिस्तान ने कनाडा में 2019 और 2021 में हुए चुनावों में “हस्तक्षेप” करने की कोशिश की थी। कनाडा की जासूसी एजेंसी ने यह आरोप लगाया था। भारत ने इस आरोप को “दृढ़ता से” खारिज कर दिया। कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) द्वारा  2019 और 2021 के चुनावों में चीन, भारत, रूस और अन्य देशों द्वारा चुनाव में संभावित हस्तक्षेप की जांच के बाद ऐसा कहा  गया था। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कनाडा का ये आरोप निराधार हैं।

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