तुर्की के दिए युद्धपोत पर क्यों इतरा रहा पाकिस्तान, PNS बाबर की क्या है खासियत; कितना मजबूत होगा पाक?

तुर्की के दिए युद्धपोत पर क्यों इतरा रहा पाकिस्तान, PNS बाबर की क्या है खासियत; कितना मजबूत होगा पाक?

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आर्थिक मोर्चे पर बदहाली और बदनामी झेल रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान को तुर्की ने एक नया युद्धपोत PNS बाबर बनाकर दिया है। इस पर पाक इतरा रहा है। पाकिस्तानी  नेवी ने इस युद्धपोत को ट्रायल के लिए समंदर में भी उतार दिया है। इस युद्धपोत को तुर्की मिलिट्री फैक्ट्री और इस्तांबुल नेवल शिपयार्ड मैनेजमेंट कॉपरेशन ने तैयार किया है। पाकिस्तान की नौसेना इस जंगी बेड़े को मिलगेम-क्लास कॉर्वेट (Milgem-Class Corvettes) में शामिल कर रही है। 

पाकिस्तान इस तरह के चार युद्धपोत अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी में है। तुर्की ने पहले युद्धपोत की सप्लाई कर दी है, जबकि तीन और युद्धपोत तैयार कर रहा है। तुर्की ने इस युद्धपोत के निर्माण को पाकिस्तान के साथ अपनी ‘दोस्ती’ के रूप में भी प्रदर्शित किया है। युद्धपोत के निर्माण के बाद ASFAT ने एक ट्वीट में कहा था PNS Babur पहला PN MILGEM Corvettes क्लास का युद्धपोत है जिसमें हमने दोस्त और भाई पाकिस्तान के लिए तैयार किया गया है। इस युद्धपोत के मिल जाने से समंदर में पाकिस्तानी सैनिकों की ताकत और मजबूत हो जाएगी।

PNS बाबर की खूबियां क्या?

यह एक बहुपयोगी युद्धपोत है। यह समंदर में 50 से 57 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इसका वजन 2888 टन है और लंबाई 356.11 फीट है। इस युद्धपोत की रेंज 6500 किलोमीटर है। इसमें कॉम्बैट मैनेजमेंट सिसट्म लगा हुआ है। इसके अलावा इस युद्धपोत में चार तरह के अत्याधुनिक रडार सिस्टम मौजूद है, जो दुश्मनों के हमले से सचेत करेगा और आगामी खतरों की जानकारी दे सकेगा। इस युद्धपोत में 12 अल्बाट्रेस एनजी मिसाइलें लगी हैं, जो सतह से हवा में मार करने वाली हैं।

यानी ये मिसाइलें एंटी एयर वारफेयर में इस्तेमाल हो सकती हैं। इसके अलावा एंटी-सरफेस वारफेयर के लिए इस युद्धपोत पर 2 ट्रिपल सेल मिसाइल लॉन्चर और 6 पी-282 एंटी शिप मिसाइलें भी तैनात की गई हैं। इनके अलावा इस युद्धपोत पर एक हैंगर भी है, जिस पर एक एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर भी रखा जा सकता है।

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