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केंद्र सरकार ने 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला लिया है, जिस दिन 1975 में आपातकाल की घोषणा की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस 25 जून को मनाया जाना हमें याद दिलाएगा कि जब संविधान को रौंदा गया था, तो क्या हुआ था।’ हालांकि, कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दलों की ओर से इस फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आपातकाल को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का केंद्र सरकार का कदम सुर्खियां बटोरने की कवायद भर है, जबकि पीएम मोदी ने 2014 से 2024 के दौरान देश में ‘अघोषित आपातकाल’ लगाया हुआ था। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि 4 जून, 2024 का दिन इतिहास में ‘मोदीमुक्ति दिवस’ के रूप में दर्ज होगा।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री की ओर से पाखंड में सुर्खियां बटोरने की एक और कवायद की गई है, जबकि उन्होंने भारत के लोगों की ओर से 4 जून, 2024 को व्यक्तिगत, राजनीतिक और नैतिक हार सुनिश्चित किए जाने से पहले 10 वर्षों तक अघोषित आपातकाल लगाया था। चार जून 2024 को इतिहास में ‘मोदीमुक्ति दिवस’ के रूप में दर्ज किया जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने भारत के संविधान और उसके सिद्धांतों, मूल्यों और संस्थानों पर सुनियोजित हमला किया है। उन्होंने कहा, ‘यह एक ‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री’ हैं, जिनके वैचारिक परिवार ने नवंबर 1949 में भारत के संविधान को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि यह मनुस्मृति से प्रेरणा नहीं लेता है। यह एक ऐसे नॉन-बायोलॉजिकल पीएम हैं जिनके लिए डेमोक्रेसी का मतलब केवल ‘डेमो-कुर्सी’ है।’
सबसे खराब स्थिति में खड़ा है देश: अजय राय
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में घोषित करने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘भाजपा के लोग लोकसभा चुनाव के परिणाम से बहुत परेशान हो गए हैं। अब उनको समझ नहीं आ रहा है कि हम कौन सा रास्ता लें, कौन सा हथियार इस्तेमाल करें जिससे INDIA गठबंधन की चीजों को रोक सकते हैं। वो अब बार-बार आपातकाल की बात कर रहे हैं। इन्होंने उस पर तमाम कार्यक्रम भी किए पर कोई भी कार्यक्रम सफल नहीं हुआ। कारण ये है कि इस वक्त सबसे खराब स्थिति में देश खड़ा है।’
अब आपके जुमलों में नहीं फंसेंगे लोग: मनोज झा
राजद नेता मनोज झा ने कहा, ‘देखो कौन बोल रहे हैं ये बात? उन्होंने संविधान को नष्ट कर दिया है। उन्हें अपने सामने एक दर्पण रखना चाहिए। कुछ साल पहले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की घोषणा की गई थी, लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं कर रहे हैं। भारत के लोग अब आपके जुमलों में नहीं फंसेंगे।’ वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता व दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने कहा, ‘संविधान की आत्मा लोकतंत्र, विपक्ष, न्यायपालिका और पत्रकारिता है। लोकसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दा लोकतंत्र की रक्षा करना था। भाजपा को अपनी तानाशाही खत्म करनी चाहिए और लोकतंत्र की रक्षा करनी चाहिए।’
सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास: महुआ माजी
‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर JMM सांसद महुआ माजी ने कहा, ‘एक कहावत है खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे… इसी तरह की बात देश में हो रही है। 400 पार का नारा लगाने वाली भाजपा 240 में सिमट गई। भाजपा देश में लगातार सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। संविधान भाजपा के कार्यकाल में खतरे में है जिसे ढकने के लिए भाजपा आरोप लगा रही है और पुराने गड़े मुर्दे उखाड़ रही है।’
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