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पीएम मोदी की रूस यात्रा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवॉन का कहना है कि भारत का एक लंबे समय के लिए रूस पर भरोसा करना सही निर्णय नहीं है। एशिया की दो महाशक्तियों चीन और भारत के बीच में अगर कभी भी युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो रूस हमेशा चीन के पक्ष में ही खड़ा नजर आएगा न कि भारत के पक्ष में।
जैक सुलिवॉन हाल ही में भारत आए थे। यहां उनकी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के साथ हुई थी। मीडिया से बात करते हुए पीएम मोदी की रूस यात्रा पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हमनें रूस के साथ संबंध रखने वाले हर देश को यह साफ कर दिया है कि रूस पर लंबे वक्त के लिए भरोसा नहीं किया जा सकता, अगर आप यह करते हैं तो यह एक गलत दांव है।
भारत से ज्यादा चीन को तरजीह देगा रूस- सुलिवॉन
सुलिवॉन ने कहा कि पिछले कुछ सालों में रूस लगातार चीन के करीब आया है या कहे तो वह चीन का जूनियर पार्टनर बन गया है। इस तरीके से वह भारत और चीन के बीच किसी भी तरह के झगड़े में चीन की तरफ ही खड़ा नजर आएगा। भारतीय पीएम मोदी लगातार चीन के साथ बिगड़ते रिश्तों को लेकर निश्चित रूप से चिंतित हैं। पिछले कुछ वर्षों में चीन लगातार भारत के खिलाफ एक आक्रामक रणनीति अपनाता रहा है।
भारत रूस के बीच हैं ऐतिहासिक संबंध, रातों रात नहीं बदलेंगे – सुलिवॉन
सुलिवॉन ने कहा कि मैं यह जानता हूं कि भारत और रूस के बीच में ऐतिहासिक संबंध हैं और यह संबंध रातों-रात नहीं बदलने वाले। यह एक लंबा खेल है, हम (अमेरिका) लगातार अपने लोकतांत्रिक सहयोगियों के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहे हैं। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, समय के साथ हमारे रिश्ते और भी ज्यादा मजबूत होंगे।
अमेरिका की तरफ से यह बयान पीएम मोदी की रूस यात्रा के बाद आया है। पीएम मोदी दो दिवसीय रूस यात्रा पर गए थे, जहां पर उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात की और भारत और रूस संबंधों को मजबूत करने की बात कही। यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के जरिए किसी भी मुद्दे का हल निकालना संभव नहीं है। दोनों ही देशों को डिप्लोमेसी और बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए। भारत ने यूक्रेन हमले को लेकर अभी तक खुले तौर पर कभी रूस की आलोचना नहीं की है, जिसको लेकर पश्चिमी देश लगातार भारत पर दवाब बनाने की कोशिश करते नजर आते हैं।
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