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दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के 12 कॉलेज पैसों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। इन सभी कॉलेजों को दिल्ली सरकार (Delhi Government) द्वारा फंड दिया जाता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर योगेश सिंह ने कहा, ‘हमारे 12 कॉलेजों में बहुत ही मुश्किल और अजीब स्थिति है। हमने एक कमेटी भी बनाई थी और इस कमेटी ने दिल्ली सरकार को अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। हम सभी को हालात की संवेदनशीलता को समझना चाहिए और जरूरी कदम उठाए जाना जरुरी है क्योंकि आर्थिक तंगी की वजह से अब छात्र और शिक्षकों को भारी मुश्किलें हो रही है।
पिछले 2 सालों में हमने 4600 भर्तियां की हैं। उन सभी 12 कॉलेजों के कई शिक्षकों को दूसरे कॉलेजों में स्थायी नौकरी मिल गई है। इसलिए इन सभी कॉलेजों में करीब 60 फीसदी से ज्यादा रिक्तियां हैं। दिल्ली सरकार को जरुरी ऐक्शन लेना चाहिए क्योंकि यह छात्रों और शिक्षकों के लिए आवश्यक है।’
मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहाहै कि पिछले 5 सालों में फंड में 50 प्रतिशत तक की कमी हो जाने से दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों का बुरा हाल हो गया है। जिसके बाद यह भी आशंका जताई जा रही है कि इन कॉलेजों में कक्षाएं प्रभावित होंगी। जाहिर है इसका सीधा असर छात्रों पर पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस लापरवाही की वजह से आगामी शैक्षणिक सत्र में इन कॉलेजों में होने वाली 50 फीसदी कक्षाएं प्रभावित हो सकती हैं या फिर ऐसा भी हो सकता है कि यह कक्षाएं हो ही ना। इसकी वजह यह है कि इन कॉलेजों में जहां 1512 शिक्षकों की आवश्यकता है तो वहीं यहां महज 824 शिक्षक ही हैं।
कहा जा रहा है कि इन 12 कॉलेजों की हालत ऐसी है कि यहां की लाइब्रेरी, प्रयोगशालाएं, कार्यालय आदि सब बुरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। यहां तक कि शिक्षकों और कर्मचारियों को सही वक्त पर वेतन भी नहीं मिल रहा है। अब इन 12 कॉलेज के छात्रों को अपने भविष्य की चिंता भी सताने लगी है।
दिल्ली सरकार इन 12 कॉलेजों को देती है फंड-:
-शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज
-डॉक्टर भीम राव अंबेडकर कॉलेज
-इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस
-शहीद राजगुरु कॉलेज
-महर्षि वाल्मिकी कॉलेज
-महाराजा अग्रसेन कॉलेज
-केशव कॉलेज
-आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज
-अदिति कॉलेज
-भगिनी निवेदिता कॉलेज
-भास्कराचार्य कॉलेज
-दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज
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