[ad_1]
ऐप पर पढ़ें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2024 25 के लिए पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान सरकार सभी वर्गों को लुभाने की कोशिश में जुटी है। इस बजट में युवाओं के लिए पहली नौकरी पर ईपीएफओ अकाउंट में 15,000 रुपए की सौगात देने की घोषणा कर सरकार ने पेपर लीक और बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं को साधने की कोशिश की है, वहीं दूसरी तरफ किसानों और महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की गई है। इस दौरान आदिवासी समुदाय को लुभाने की भी पूरी कोशिश की गई है। आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान शुरू करने की घोषणा की गई गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना के तहत आदिवासी बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में आदिवासी परिवारों को कवर किया जाएगा। इसमें 63,000 गांवों को शामिल किया जाएगा। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजाति (एसटी) की आबादी 10.45 करोड़ है, जिसमें 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 75 समुदायों को विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के रूप में पहचाना जाता है। ये पीवीटीजी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में कमज़ोर माने जाते हैं।
इससे पहले 2023-24 के बजट में विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री पीवीटीजी विकास मिशन शुरू करने की घोषणा की गई थी। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण तक बेहतर पहुँच के साथ-साथ बेहतर सड़क और दूरसंचार संपर्क और पीवीटीजी घरों और आवासों में स्थायी आजीविका के अवसर जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना है।
[ad_2]

