[ad_1]
ऐप पर पढ़ें
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और बुशरा बीबी की शादी को लेकर बवाल मच गया है। दोनों की शादी को गैर-इस्लामिक बताकर मामला दर्ज कराया गया है। बुशारा बीबी के पहले पति खावर मेनका ने खान और बुशरा बीबी की शादी को चुनौती देते हुए इस्लामाबाद में एक जिला और सत्र अदालत का रुख किया है। वहीं इस मामले को खारिज करने के लिए बुशरा बीबी ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बीबी ने अपने वकील के जरिए याचिका दायर की कि ट्रायल कोर्ट के पास इसे मामले की सुनवाई करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। बुशरा बीबी के पहले पति का आरोप है कि उन्होंने इद्दत की मुद्दत नहीं निभाई और इमरान खान संग शादी कर ली।
जियो न्यूज के मुताबिक, बुशरा के पूर्व पति ने निकाह को धोखाधड़ी करार देते हुए कहा कि यह शादी उनकी इद्दत के दौरान संपन्न हुई थी। मेनका ने अपनी याचिका में कहा, “यह निकाह और विवाह समारोह न तो कानूनी था और न ही इस्लामी क्योंकि यह इद्दत मुद्दत का पालन किए बिना संपन्न किया गया था।” अपनी याचिका में मेनका अदालत से सख्त सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा, “मेरी अदालत से विनम्रतापूर्वक प्रार्थना है कि इमरान खान और बुशरा बीबी को बुलाया जाए और न्याय के हित में कानून के अनुसार सख्त सजा दी जाए।”
क्या होती है इद्दत की मुद्दत
मशहूर वेबसाइट रेख्ता के मुताबिक, तलाक (या विधवा होने) के बाद की वह अवधि जिसमें स्त्री को दूसरा निकाह (विवाह) करना वैध नहीं है। वह मुतल्लका (तलाक पा चुकी महिला) के लिए तीन मास है और विधवा के लिए चार-मास और दस दिन है गर्भवती स्त्री के लिए दोनों स्थिती में प्रसव तक है।
याचिका में कहा गया है कि मेनका ने बुशरा को 14 नवंबर, 2017 को तलाक दिया और 15 अप्रैल, 2017 को मौखिक रूप से तीन बार तलाक दिया। जबकि बुशरा गस्त 2017 में अपनी मां के घर चली गई और अपनी शादी तक वहीं रहीं। 1 जनवरी, 2018 को पीटीआई के संस्थापक से निकाह कर लिया। इस्लामाबाद हाई कोर्ट में अपनी याचिका में खान की पत्नी ने 11 जनवरी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पूर्व के आदेश को खारिज करने की मांग की है। अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि मामले को खारिज कर दिया जाना चाहिए और आवेदन पर फैसला आने तक निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी जानी चाहिए।
[ad_2]



