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भोपाल और इंदौर के अलावा मध्य प्रदेश के कुछ अन्य शहरों में भी मेट्रो दौड़ाने की योजना है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को इसके संकेत दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था कि जब मेट्रो ट्रेन प्रदेशवासियों के लिए एक स्वप्न थी। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर, ग्वालियर और प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी मेट्रो रेल लाइन के निर्माण की योजना है। प्रदेश में रेलवे क्रासिंग खत्म करने के लिए 105 रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के साथ ही 334 पुलों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीएम मोहन यादव भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में श्रेष्ठ कार्य के लिए चयनित नगरीय निकायों को पुरस्कृत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नगरीय निकायों के विकास कार्यों के लिए 1000 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की। इस अवसर पर भोपाल मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के लिए 8 स्टेशनों का भूमिपूजन भी किया गया। सीएम ने कार्यक्रम में ‘स्वच्छ हम’ पुस्तिका एवं ‘जल मल प्रबंधन नीति 2024’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर 8,837 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन एवं डेयरी, आयुष, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम, महिला एवं बाल विकास, नगरीय विकास एवं आवास, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास, लोक निर्माण विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, सामान्य प्रशासन, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर और जनजातीय कार्य विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में राष्ट्रवासियों को स्वच्छता अभियान में भागीदारी का आह्वान किया था। मध्य प्रदेश को स्वच्छता क्षेत्र में अग्रणी होने का सौभाग्य मिला है। इंदौर शहर 7वीं बार स्वच्छतम शहर के रूप में चुना गया। वहीं भोपाल श्रेष्ठ स्वच्छ राजधानी चुनी गई है। भोपाल देश में भी 5वें क्रम पर स्वच्छ शहर है। सरकार शासन से जुड़े हर कर्मचारी के सम्मान के प्रति गंभीर है। आने वाले हफ्ते में 15 हजार अन्य नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
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