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Hamas Israel War: इजरायल और हमास के बीच पिछले साल से युद्ध चल रहा है। अक्टूबर महीने की शुरुआत में अचानक किए गए हमास के हमले में इजरायल के कई लोगों की जान चली गई थी ,जिसके बाद इजरायल ने बदला लेना शुरू किया। अब एक एयर स्ट्राइक में हमास के टॉप लीडर इस्माइल हानिया के तीन बेटे इजरायल के हमले में मारे गए हैं। इसके अलावा, दो पोतों की भी मौत हो गई। हमास के नेता हानिया ने इजराइल पर बदले की भावना से उनके तीन बेटों की हत्या का आरोप लगाया है। यह हमला तब हुआ जब उनके तीनों बेटे कार से जा रहे थे।
हानिया ने बुधवार को अल-जजीरा सैटेलाइट चैनल को दिए साक्षात्कार में मौतों की पुष्टि की और कहा कि उनके बेटे यरूशलम और अल-अक्सा मस्जिद को आजाद कराने की राह में मारे गए। हानिया ने फोन पर दिए साक्षात्कार में कहा, ”दुश्मन बदले और कत्लेआम की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है और वह किसी मानक या कानून को कोई महत्व नहीं देता।” इस्माइल हानिया कतर में निर्वासन में रहते हैं, जहां अल-जजीरा का मुख्यालय है।
हमास ने कहा है कि गाजा के अल-शती शिविर में जिस कार में हानिया के बेटे सवार थे, उस पर हुए बम हमले में उनके तीन बेटे – हजेम, अमीर और मोहम्मद मारे गए। हमास मीडिया ने कहा कि हमले में हानिया के दो पोते भी मारे गए और एक तीसरा घायल हो गया। हानिया के सबसे बड़े बेटे ने एक फेसबुक पोस्ट में पुष्टि की कि उसके तीन भाई मारे गए हैं।
साल 2017 में समूह के शीर्ष पद पर नियुक्त, हानिया तुर्की और कतर की राजधानी दोहा के बीच चले गए, जिसकी वजह से गाजा में इजरायल द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों से बच गए और उन्हें युद्धविराम वार्ता में वार्ताकार के रूप में कार्य करने या हमास के मुख्य सहयोगी ईरान के साथ संवाद करने में सक्षम बनाया।
हानिया ने आगे कहा कि इन हत्याओं से हमास पर रुख नरम करने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा, ”दुश्मन को लगता है कि नेताओं के परिवारों को निशाना बनाकर वह हमारे लोगों को उनकी मांगें छोड़ने के लिए मजबूर कर देगा। जिस किसी को भी यह लगता है कि मेरे बेटों को निशाना बनाने से हमास अपने रुख में बदलाव के लिए मजबूर होगा, वे भ्रम के शिकार हैं।”
नेतन्याहू ने रफह में आक्रमण तेज करने का लिया संकल्प
हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी गाजा के रफह शहर में हमला तेज करने का संकल्प लिया है। नेतन्याहू ने बार-बार कहा है कि इजरायल को रफह में जमीनी बलों को भेजना चाहिए क्योंकि यह गाजा में हमास का आखिरी गढ़ है। लेकिन अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस अभियान का विरोध करते हुए कहा कि वहां शरण लिए हुए तकरीबन 14 लाख नागरिकों की जान खतरे में पड़ जाएगी। इजरायल कहता रहा है कि उसके पास नागरिकों की रक्षा की योजना है। नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा कि जीत के लिए रफह का अभियान आवश्यक है। उन्होंने ज्यादा जानकारी दिए बगैर कहा, ”यह होगा। इसकी एक तारीख होगी।” उनका यह बयान तब आया है जब इजरायली वार्ताकार काहिरा में हमास के साथ संघर्ष विराम समझौते के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा कर रहे हैं।
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