कुरैशी ने मुसलमानों को लड़ने के लिए भड़काया, कांग्रेस के अजीज ने राहुल-प्रियंका को पूजा-पाठ पर सुनाया

कुरैशी ने मुसलमानों को लड़ने के लिए भड़काया, कांग्रेस के अजीज ने राहुल-प्रियंका को पूजा-पाठ पर सुनाया

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कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता और पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी अपने विवादित बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार तो उन्होंने सारी सीमाएं लांघ दीं और मुसलमानों को तलवार निकालकर लड़ने तक का सुझाव दे डाला। सार्वजनिक मंच पर माइक के सामने बैठकर कुरैशी ने कहा कि देश में 22 करोड़ मुसलमान हैं और इनमें से 1-2 करोड़ मर भी जाएं तो हर्ज नहीं है। विधायक, मध्य प्रदेश में मंत्री, सांसद, केंद्र में ओहदा और तीन राज्यों के राज्यपाल रह चुके कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी अपनी भड़ास निकाली।   

हाल ही में मध्य प्रदेश में नर्मदा पूजा करने गईं प्रियंका का नाम लिए बिना कुरैशी ने कहा कि नेहरू के वारिस का ‘जय नर्मदा’ कहना डूब मरने की बात है। कभी राहुल गांधी के मंदिर जाने तो कभी मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम की ओर से बागेश्वर बाबा की कथा कराए जाने जैसे कांग्रेस के हिंदुत्ववादी कदमों पर निशाना साधते हुए अजीज ने कहा, ‘कांग्रेस के लोग आज बात करते हैं हिदुत्व की, यात्राओं की, जय गंगा मइया, जय नर्मदा मइया, ये शर्म की बात है। मुझे कोई डर नहीं कहने में, निकाल देना मुझे पार्टी से। ये डूब मरने की बात है। नेहरू के वारिश कांग्रेस के लोग आज धार्मिक यात्राएं निकालते हैं। जय बोलते हैं, गर्व से कहो हिंदू हूं बोलते हैं। हमारे पीसीसी दफ्तर में मूर्ति बिठाते हैं। डूब करने की बात है। चुल्लू भर पानी में डूब मरने की बात है।’

मुसलमानों ने चूड़ियां नहीं पहनीं, 1-2 करोड़ मर भी जाएं तो…; कुरैशी

मुसलमानों से भेदभाव का आरोप

कांग्रेस में रहकर सालों तक सत्ता का स्वाद चखने वाले कुरैशी ने मुसलमानों से भेदभाव का आरोप भी लगाया और कहा कि मुस्लिम किसी पार्टी के गुुलाम नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘ये सारी पार्टियां जिनमें कांग्रेस भी शामिल करता हूं उनसे मैं कहना चाहता हूं वो जेय बात जरा अच्छी तरह समझ लें कि मुसलमान आपका गुलाम नहीं है। मुसलमान आपका बंधुआ मजदूर नहीं है कि आपके हुक्म दें और उसकी तामील करे। क्यों वोट दे आपको? नौकरी आप देते नहीं, फौज में आप लेते नहीं, पुलिस में आप लेते नहीं, एयरफोर्स में लेते नहीं। कर्जा आप देते नहीं।’

अपनी बात पर कायम कुरैशी

ऐसा नहीं है कि कुरैशी की जुबान फिसल गई। वह अब भी अपनी बात पर कामय हैं। कुरैशी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘नेहरू की जो परंपरा थी, दुनिया के लिए मिसाल है। आज उनके परिवार का यदि कोई वारिस जनऊ दिखाए और कहा कि मैं पक्का हिंदू हूं, यह हमारा वोट है। यदि उनकी परपोती जय नर्मदा मइया कहे। तो मुझे ऐतराज है।’ उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम गरीब, मजदूर, किसान के नाम पर हो, एक समान अधिकार पर हो। उन्होंने पीसीसी दफ्तर में मूर्ति लगाने पर भी आपत्ति जाहिर की।

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